झारखंड सरकार ने 2029 तक राज्य को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य तय, मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने रांची में MDA अभियान की शुरुआत लोगों से फाइलेरिया रोधी दवा लेने की अपील।
रांची: झारखंड को वर्ष 2029 तक फाइलेरिया मुक्त राज्य बनाने के लक्ष्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में राज्य स्तरीय अंतर-विभागीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत संपन्न हुआ, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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इस दौरान स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) अभियान की औपचारिक शुरुआत की। साथ ही उन्होंने राज्य के 14 जिलों के लिए जागरूकता प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मंत्री डॉ अंसारी ने कहा कि यह अभियान सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि फाइलेरिया की दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसके सेवन से शरीर में मौजूद परजीवी नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि जनसहयोग के बिना इस अभियान की सफलता संभव नहीं है।
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि जब तक हर व्यक्ति दवा नहीं लेगा, तब तक इस बीमारी को जड़ से खत्म करना मुश्किल होगा। वहीं निदेशक प्रमुख डॉ सिद्धार्थ सागर ने भरोसा दिलाया कि कोई भी समुदाय दवा से वंचित नहीं रहेगा।
स्टेट को-ऑर्डिनेटर शाज्ञा सिंह ने फाइलेरिया के कारण, लक्षण और रोकथाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पूरे समुदाय द्वारा एक साथ दवा सेवन ही इस बीमारी को खत्म करने का सबसे प्रभावी उपाय है।
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि झारखंड फाइलेरिया मुक्त अभियान के तहत हर घर तक दवा पहुंचे और राज्य को 2029 तक इस गंभीर बीमारी से पूरी तरह मुक्त किया जाए।
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