Jharkhand News: झारखंड के मेहरमा प्रखंड से भ्रष्टाचार का एक ऐसा घिनौना चेहरा सामने आया है, जिसने पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ गरीबों को काम देने वाली ‘मनरेगा’ योजना को लूटने के लिए मासूम बच्चों के भविष्य और उनकी पहचान से ही खिलवाड़ कर दिया गया।
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Jharkhand News: नाबालिग बच्चों को ‘जवान’ बनाकर फर्जी जॉब कार्ड जारी किए
बचपन की चोरी और सरकारी खजाने की लूट सिमानपुर पंचायत के मुखिया मुन्ना पासवान पर आरोप साबित हुआ है कि उन्होंने नाबालिग बच्चों को कागजों पर ‘जवान’ बनाकर उनके नाम से फर्जी जॉब कार्ड जारी किए। आधार कार्ड की जन्मतिथि में हेराफेरी कर बच्चों को मजदूर दिखाया गया और उनके हक का पैसा डकार लिया गया। इस काले खेल में पंचायत सचिव और रोजगार सेवक की मिलीभगत भी उजागर हुई है।
मामले की गंभीरता देखते हुए उपायुक्त (DC) ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुखिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और उनके सभी वित्तीय अधिकार छीन लिए गए हैं। यह कार्रवाई भ्रष्ट तंत्र पर एक ‘प्रशासनिक हंटर’ तो है, लेकिन सवाल अब भी वही है कि क्या मासूमों के नाम पर लूटी गई राशि की वसूली हो पाएगी?

