Jharkhand News: झारखंड की खनिज संपदा और विस्थापितों के अधिकारों को लेकर रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में एक महत्वपूर्ण ‘पावर मीटिंग’ हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी के बीच हुई इस चर्चा का केंद्र केवल कोयला उत्पादन नहीं, बल्कि उन लोगों का भविष्य था जिनकी जमीन पर देश का विकास टिका है।
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Jharkhand News: झरिया मास्टर प्लान के लिए सीईओ की होगी नियुक्ति
बैठक में झरिया मास्टर प्लान और बेलगड़िया टाउनशिप को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में खनन कार्य पूरा हो चुका है, वह भूमि राज्य को वापस मिलनी चाहिए। इसके अलावा, विस्थापितों को सम्मानजनक पुनर्वास, रैयतों को समय पर उचित मुआवजा और स्थानीय युवाओं को कोल परियोजनाओं में नौकरियों की गारंटी मिलनी चाहिए। झरिया मास्टर प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जल्द ही एक पूर्णकालिक सीईओ (CEO) की नियुक्ति पर भी सहमति बनी है।
इस संवाद ने केंद्र और राज्य के बीच एक नए तालमेल की उम्मीद जगाई है। रॉयल्टी, सीएसआर (CSR) फंड का सही इस्तेमाल और अवैध खनन पर लगाम जैसे नीतिगत मुद्दों पर दोनों पक्षों ने सकारात्मक रुख अपनाया। मुख्यमंत्री का विजन स्पष्ट है—विकास की इस दौड़ में झारखंड का ‘रैयत’ और ‘विस्थापित’ पीछे नहीं छूटना चाहिए।

