Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची आज आदिवासी अस्मिता की हुंकार से गूंज उठी। प्रभात तारा मैदान में आयोजित आदिवासी हुंकार महारैली में हजारों की संख्या में राज्यभर से लोग जुटे। रैली का उद्देश्य था — कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) सूची में शामिल किए जाने के प्रस्ताव का पुरज़ोर विरोध।
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रैली से पहले करमटोली स्थित धुमकुड़िया भवन में प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें देवकुमार धान, लक्ष्मीनारायण मुंडा, प्रेमशाही मुंडा, नारायण उरांव, बलकु उरांव, दर्शन गोंझू, अभय भुटकुंवर, बबलू मुंडा, जगलाल पाहन, जॉन जॉनसन गुड़िया और सुदर्शन भँगरा जैसे आदिवासी नेताओं ने अपनी बात रखी।
Jharkhand News: कुड़मी समाज को ST सूची में शामिल करना आदिवासी अस्तित्व और हक पर सीधा हमला
वक्ताओं ने कहा कि कुड़मी समाज को ST सूची में शामिल करना न केवल संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है, बल्कि आदिवासी अस्तित्व और हक पर सीधा हमला भी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस प्रस्ताव को तुरंत खारिज किया जाए और संविधान में निहित आदिवासी अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। रैली के दौरान “पहचान बचाओ, अधिकार बचाओ” के नारे गूंजते रहे।

