रांची: झारखंड में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में हिंदू समाज को चुन-चुनकर प्रताड़ित किया जा रहा है और सरकार तुष्टीकरण की राजनीति में पूरी तरह डूबी हुई है।
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काली मंदिर जीर्णोद्धार के दौरान हुआ विवाद
आदित्य साहू ने मधुपुर के लालगढ़ धोबी टोला में घटित घटना का जिक्र करते हुए बताया कि 14 जनवरी को इलाके में स्थित एक पुराने काली मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि यह एक छोटा सा काली मंदिर है, जहां ढलाई का कार्य पूरा होने के बाद खिचड़ी भोग का आयोजन किया गया था।
सैकड़ों की संख्या में लोगों द्वारा मारपीट और पथराव का आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, इसी दौरान मोहल्ले में सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्र होकर मारपीट और पथराव करने लगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण का विरोध करते हुए कहा गया कि “यहां मंदिर नहीं बनने देंगे।”
सुबह फिर हुआ हमला, कई लोग घायल
आदित्य साहू ने आगे कहा कि अगली सुबह फिर से तैयारी के साथ बड़ी संख्या में लोग दलित धोबी समाज के घरों में घुस आए और पुरुषों व महिलाओं के साथ मारपीट की गई, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों का इलाज फिलहाल अस्पताल में चल रहा है।
प्रशासन पर निष्क्रिय रहने का आरोप
साहू ने आरोप लगाया कि इस पूरी घटना के बावजूद प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि अब तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
“संविधान से ऊपर शरीयत मानने वालों के दबाव में प्रशासन”
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि प्रशासन स्थानीय राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा।
उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति के कारण कार्रवाई से बच रही है।
“हिंदू समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा”
आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड के कई इलाकों में जहां हिंदू आबादी कम है, वहां हिंदू समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
उन्होंने हेमंत सरकार से दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई और पीड़ितों को सुरक्षा देने की मांग की।

