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Tuesday, February 10, 2026

Jharkhand Politics: मरांडी का सीधा सवाल: पेसा (PESA) प्रस्ताव में ऐसा क्या है जिसे जनता से छिपा रही है हेमंत सरकार?

Jharkhand Politics: झारखंड की राजनीति में ‘पेसा’ (PESA) नियमावली को लेकर अब आर-पार की जंग छिड़ गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार को सीधी चुनौती देते हुए पूछा है कि अगर मंशा साफ है, तो कैबिनेट प्रस्ताव को ‘गोपनीय’ रखने का खेल क्यों खेला जा रहा है?

मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर आदिवासियों के हक का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी ओर उस प्रस्ताव को सार्वजनिक करने से कतरा रही है जो सीधे तौर पर आदिवासी समाज की परंपराओं और शासन व्यवस्था से जुड़ा है।

Jharkhand Politics: गैर-दलीय चुनाव केवल ‘मनी और मसल पावर’ को बढ़ावा देते हैं

इस विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी सुर मिलाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जिस समाज के लिए नियम बने हैं, अगर उन्हें ही सच नहीं पता तो यह पारदर्शिता का गला घोंटने जैसा है।

इसके अलावा, मरांडी ने निकाय चुनावों को दलीय आधार पर कराने की मांग उठाकर एक नया मोर्चा खोल दिया है। उनका तर्क है कि गैर-दलीय चुनाव केवल ‘मनी और मसल पावर’ को बढ़ावा देते हैं, जिससे स्वस्थ लोकतंत्र कमजोर हो रहा है। अब सवाल यह है कि क्या सरकार पेसा का ‘पिटारा’ खोलकर जनता का भ्रम दूर करेगी?

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