Jharkhand Politics: झारखंड की सियासत में ‘कोल्हान के टाइगर’ चम्पाई सोरेन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आदिवासियों की पुश्तैनी ज़मीन छीनकर ‘हिंडाल्को’ को सौंप रही है। सोरेन के अनुसार, बिना ग्राम सभा की अनुमति और विस्थापन नीति के हो रहा यह अधिग्रहण आदिवासियों की आजीविका छीनने जैसा है।
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Jharkhand Politics: 75 हज़ार आदिवासियों का अस्तित्व संकट में
उन्होंने तीखा सवाल किया कि पलामू के खनन नुकसान की भरपाई कोल्हान की शेड्यूल एरिया वाली ज़मीन से क्यों की जा रही है? सारंडा को वाइल्ड लाइफ सैंक्चुअरी घोषित करने से 75 हज़ार आदिवासियों का अस्तित्व संकट में है। चम्पाई ने तंज कसा कि सरकार खदानों को तो बचा रही है, लेकिन आदिवासियों की आवाज़ दबा रही है। कैबिनेट से पास होने के बावजूद ‘पेसा अधिनियम’ का लागू न होना सरकार की संदिग्ध मंशा को दर्शाता है।

