Hijab Controversy: हिजाब विवाद पर जीतन राम मांझी का अजब बयान, हिजाब विवाद में नीतीश कुमार का बचाव
पटना : बिहार की राजनीति (Bihar Politics) एक बार फिर गरमा गई है। हिजाब विवाद (Bihar Hijab Controversy) को लेकर केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख जीतन राम मांझी के बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पक्ष में दिए गए उनके बयान ने जहां एक ओर विवाद को शांत करने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर उनके शब्दों ने नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है।
Highlights:
हिजाब विवाद पर जीतन राम मांझी का बड़ा बयान
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने साफ शब्दों में कहा कि हिजाब से जुड़ा मामला कोई बड़ा विवाद था ही नहीं। इसे बेवजह तूल दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।
मांझी के अनुसार, यह पूरा प्रकरण राजनीति का विषय बना दिया गया है, जबकि असल में यह एक सामान्य बातचीत से जुड़ा मामला था।
दिल्ली का प्रसंग सुनाकर दी सफाई
पत्रकारों से बातचीत के दौरान जीतन राम मांझी ने दिल्ली का एक प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली में एक महिला पत्रकार ने उनसे सवाल पूछा था, जिसके बाल चेहरे पर आ रहे थे। मांझी ने कहा कि उन्होंने उस पत्रकार से यह कहा कि “बेटा, अगर कोई तुमसे बाल ठीक से रखने को कह दे, तो इसमें गलत क्या है?” इसी उदाहरण के जरिए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बचाव करते हुए कहा कि जिस तरह से एक पिता अपनी बेटी को समझाता है, उसी तरह नीतीश कुमार ने भी उस महिला चिकित्सक को समझाया था।
‘20-25 साल के छोकरा तो हैं नहीं’ बयान से बढ़ा विवाद
जीतन राम मांझी का सबसे ज्यादा चर्चा में आया बयान तब सामने आया, जब उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार कोई “20-25 साल के छोकरा” नहीं हैं। उन्होंने कहा, “अगर कोई 20-25 साल का युवक ऐसी बात कहता, तो सवाल उठ सकता था, लेकिन 74 साल के एक बुजुर्ग व्यक्ति ने अगर यह पूछा कि मुंह क्यों ढंका हुआ है, तो इसमें गलत क्या है?”
इस बयान को लेकर विपक्ष ने मांझी पर तीखा हमला बोला है और इसे असंवेदनशील करार दिया है।
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी बोले
हिजाब विवाद पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। राज्यपाल ने कहा कि पिता और पुत्री के बीच विवाद हो ही नहीं सकता। नीतीश कुमार लड़कियों को बेटी की तरह देखते हैं और उनका दृष्टिकोण हमेशा सकारात्मक रहा है।
‘कठमुल्ला’ शब्द पर मचा हंगामा
जीतन राम मांझी ने इस दौरान धमकी देने वालों पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ऐसे “कठमुल्ला” लोग ही समाज को बर्बाद करते हैं और समाज में बेवजह विवाद पैदा करते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हंगामा मच गया है। विपक्षी दलों ने इसे समाज को बांटने वाला बयान बताया है, जबकि समर्थकों का कहना है कि मांझी ने कट्टरता के खिलाफ आवाज उठाई है।
महिला चिकित्सक की ज्वाइनिंग पर भी बयान
मांझी ने हिजाब विवाद से जुड़ी महिला आयुष चिकित्सक के संदर्भ में भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि वे उस महिला को धन्यवाद देते हैं कि वह नौकरी ज्वाइन करने जा रही है। हालांकि, संबंधित चिकित्सक की ज्वाइनिंग को लेकर किए गए दावे भी फिलहाल सही साबित नहीं हुए हैं, जिससे विवाद और गहराता जा रहा है।
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सियासत गरम, विवाद थमता नहीं दिख रहा
कुल मिलाकर, बिहार हिजाब विवाद (Bihar Hijab News) फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। नई-नई बयानबाजी से सियासत और गर्म हो गई है। एक तरफ सत्ता पक्ष इसे सामान्य मामला बताकर शांत करने की कोशिश कर रहा है, वहीं विपक्ष इसे महिला अधिकार और संवैधानिक मूल्यों से जोड़कर बड़ा मुद्दा बनाने में जुटा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बिहार की राजनीति और तेज होने के आसार हैं।

