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Tuesday, February 10, 2026

Ranchi News: ओरमांझी–इरबा इलाके में हाथियों का आतंक, रातभर दहशत

Ranchi News: जंगली हाथियों से दहशत, मस्जिदों से लाउडस्पीकर पर अलर्ट जारी

रांची: झारखंड की राजधानी रांची से सटे ओरमांझी–इरबा इलाके में शनिवार रात जंगली हाथियों (Wild Elephants in Ranchi) के झुंड की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। हाथियों के रिहायशी इलाकों के नजदीक पहुंचते ही ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में भय फैल गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग (Forest Department Jharkhand) पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।

रिहायशी इलाकों के पास पहुंचे हाथी, बढ़ी चिंता

स्थानीय सूत्रों के अनुसार हाथियों का यह झुंड देर रात जंगल से निकलकर आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ आया। खेतों और बस्तियों के पास हाथियों की आवाजाही से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। कई ग्रामीणों ने हाथियों की चिंघाड़ और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने की आवाजें सुनने की बात कही है, जिससे इलाके में डर और बढ़ गया।

लाउडस्पीकर से मुनादी, घरों में रहने की अपील

सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने ओरमांझी और इरबा क्षेत्र में तुरंत सतर्कता बढ़ा दी है। मस्जिदों और सार्वजनिक स्थानों से लाउडस्पीकर के जरिए लगातार मुनादी कराई जा रही है। लोगों से साफ तौर पर अपील की जा रही है कि वे रात के समय घरों से बाहर न निकलें, अकेले सुनसान इलाकों में जाने से बचें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

हतवाल की ओर बढ़ा हाथियों का झुंड

ताजा जानकारी के अनुसार जंगली हाथियों का झुंड ओरमांझी इलाके से आगे बढ़ते हुए हतवाल की दिशा में चला गया है। इस मूवमेंट के बाद आसपास के गांवों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दी गई हैं। ड्रोन और गश्ती दल के जरिए हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

वीडियो बनाने से बचें, वन विभाग की सख्त चेतावनी

वन विभाग ने लोगों को सख्त चेतावनी जारी की है कि हाथियों को देखने या उनका वीडियो बनाने के लिए घरों से बाहर न निकलें। अक्सर उत्सुकता या सोशल मीडिया पर वीडियो डालने की चाह में लोग अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं।
वन अधिकारियों का कहना है कि जंगली हाथी बेहद संवेदनशील होते हैं और थोड़ी सी छेड़छाड़ या शोर से आक्रामक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।

किसी भी आपात स्थिति में तुरंत दें सूचना

प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कहीं हाथियों की मौजूदगी दिखे या कोई आपात स्थिति उत्पन्न हो, तो तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस या वन विभाग को सूचना दें। ग्रामीणों को हाथियों को भगाने की कोशिश न करने, पटाखे न फोड़ने और झुंड के पास न जाने की सलाह दी गई है।

प्रशासन का अलर्ट, सहयोग की अपील

जिला प्रशासन ने कहा है कि एहतियात और सतर्कता ही इस स्थिति में सबसे बड़ा बचाव है। लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन और वन विभाग का सहयोग करें, जारी निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से बचें।
फिलहाल हाथियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जैसे ही हालात सामान्य होंगे, लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी।

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कुल मिलाकर, ओरमांझी–इरबा और आसपास के इलाकों में जंगली हाथियों की मौजूदगी ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर कर दिया है। ऐसे में सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।

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