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Friday, April 10, 2026

वक्फ संशोधन अधिनियम पर बंगाल में हिंसा: मुर्शिदाबाद में 22 गिरफ्तार, इंटरनेट सेवाएं बंद

वक्फ संशोधन अधिनियम मुद्दे पर बंगाल में हिंसा: मुर्शिदाबाद में 22 गिरफ्तार, इंटरनेट सेवाएं बंद, राज्यपाल ने की निंदा

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी। इस दौरान तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस पर हमले की घटनाएं सामने आईं। मामले में अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से नौ पुलिस हिरासत में और बाकी न्यायिक हिरासत में हैं।

घटना मंगलवार शाम को उस वक्त हुई जब करीब 100 प्रदर्शनकारी उमरपुर चौराहे (राष्ट्रीय राजमार्ग 12) पर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो झड़प शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और पुलिसकर्मियों पर हमला किया। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

कर्फ्यू और इंटरनेट बंद

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने रघुनाथगंज और सुती थाना क्षेत्रों में 48 घंटे के लिए निषेधाज्ञा (धारा 163) लागू कर दी, जो मंगलवार शाम 6 बजे से गुरुवार शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके अलावा, गृह विभाग ने जंगीपुर सब-डिवीजन में मंगलवार से शुक्रवार शाम तक इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का निर्णय लिया।

सुती में फिर विरोध की कोशिश, पुलिस ने रोका

बुधवार सुबह जंगीपुर क्षेत्र शांत रहा, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही सुती के अहिरन पुल के पास लगभग 20-25 युवकों ने टायर जलाकर प्रदर्शन करने की कोशिश की। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उन्हें खदेड़ दिया और स्थिति पर नियंत्रण पा लिया। वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, उस दिन कोई नई हिंसा नहीं हुई और अफवाहें फैलाई जा रही थीं।

राज्यपाल और विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया

राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने सोशल मीडिया पर घटना की निंदा करते हुए राज्य सरकार से “साहसिक कार्रवाई” की मांग की और रिपोर्ट तलब की। उन्होंने कहा कि बंगाल में शांति को बिगाड़ने की कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं, भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, “मुर्शिदाबाद जल रहा है, पुलिस पीटी जा रही है और मुख्यमंत्री मूकदर्शक बनी हुई हैं। यह न सिर्फ कानून-व्यवस्था की विफलता है, बल्कि शासन का पतन है।”

विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी सरकार पर हमला बोला और कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम अब कानून बन चुका है, लेकिन राज्य सरकार वोट बैंक की राजनीति के चलते स्थिति संभालने में नाकाम रही है।

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शांतिपूर्ण विरोध की भी खबरें

जहां एक ओर सुती में टकराव की स्थिति रही, वहीं मुर्शिदाबाद के बरहामपुर में टेक्सटाइल मोड़ पर एक और बड़ी रैली शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा की सूचना नहीं मिली।

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