31.8 C
Jharkhand
Sunday, March 29, 2026

RBI Monetary Policy 2026: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ‘Neutral’ रुख रखा, लोन-EMI पर क्या असर?

RBI Monetary Policy Meeting 2026 में रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, EMI, होम लोन, GDP और अर्थव्यवस्था पर क्या पड़ेगा असर।

RBI Repo Rate 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति बैठक 2026 में बड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने का ऐलान किया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद यह निर्णय सामने आया। साथ ही बैंक ने अपनी ‘Neutral’ पॉलिसी स्टांस को भी बरकरार रखा है।

RBI के इस फैसले से फिलहाल आम लोगों को लोन और EMI में किसी तरह की तत्काल राहत नहीं मिलेगी। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि रेपो रेट में स्थिरता से बाजार में स्थायित्व बना रहेगा और महंगाई को नियंत्रण में रखने में मदद मिलेगी।

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष की मौद्रिक नीति नई GDP सीरीज के आधार पर तय की जाएगी, जो फरवरी के अंत तक जारी होगी। इससे आने वाले समय में आर्थिक फैसलों में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

पहले ही हो चुकी है कटौती

गौरतलब है कि फरवरी 2025 से अब तक RBI ने कुल 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। ऐसे में इस बार रेपो रेट को स्थिर रखना बाजार के लिए संतुलित फैसला माना जा रहा है। RBI फिलहाल महंगाई और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।

बजट और ट्रेड एग्रीमेंट का असर

यह मौद्रिक समीक्षा केंद्रीय बजट 2026-27 और हाल ही में हुए भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट के बाद आई है। इन दोनों घटनाओं का असर भारतीय अर्थव्यवस्था और निवेश माहौल पर पड़ सकता है, जिसे ध्यान में रखते हुए RBI ने सतर्क रुख अपनाया है।

आम लोगों पर क्या असर?

  • होम लोन EMI फिलहाल जस की तस

  • ब्याज दरों में तुरंत बदलाव नहीं

  • बाजार में स्थिरता की उम्मीद

  • निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि महंगाई नियंत्रित रहती है, तो आने वाली बैठकों में RBI ब्याज दरों में बदलाव कर सकता है।

ALSO READhttp://Bokaro Missing Girls Case: पिंड्राजोरा से दो लड़कियां लापता,…

Must Read

- Advertisement -

Trending

Popular