Bihar Budget Session 2026: ₹3.47 लाख करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट
पटना: बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए ₹3,47,589.76 करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश कर नया रिकॉर्ड कायम किया है। वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते हुए इसे राज्य के तेज़ आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया। यह बिहार का अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जो पिछले साल की तुलना में करीब ₹30,695 करोड़ अधिक है।
Highlights:
पूंजीगत व्यय में बड़ा इजाफा
इस बजट की सबसे खास बात पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) में भारी वृद्धि है। सरकार ने 63,455.84 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है, जो कुल बजट का लगभग 18.26% है। इस राशि से सड़क, पुल, सिंचाई, बिजली, जलापूर्ति, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल जैसे स्थायी बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में निवेश और रोजगार दोनों बढ़ेंगे।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल
कृषि प्रधान राज्य बिहार के लिए बजट में कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। सरकार कृषि रोडमैप-4 का विस्तार करेगी। मक्का, दलहन, तिलहन, फल-सब्जी उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है। किसानों को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सालाना ₹3,000 की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। साथ ही कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग और कृषि स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों की आय बढ़े और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजित हो।
रोजगार और निवेश का रोडमैप
सरकार ने आने वाले वर्षों में 1 करोड़ रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा है। युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए जाएंगे। औद्योगिक क्लस्टर, MSME और स्टार्टअप को बढ़ावा देकर उद्योगों का विस्तार किया जाएगा। नई औद्योगिक नीति के तहत 50 लाख करोड़ रुपये के पूंजी निवेश का लक्ष्य भी तय किया गया है।
सड़क, बिजली और पानी पर फोकस
ग्रामीण और शहरी सड़कों के विस्तार, बिजली उत्पादन व वितरण में सुधार और नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर दिया गया है। प्रति व्यक्ति बिजली खपत बढ़कर 374 यूनिट पहुंच गई है। हर घर नल से जल योजना, सस्ते आवास और बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं को भी गति मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
बजट में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक मदद, आसान ऋण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, सिलाई और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजना है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 21,270.40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जिला अस्पतालों के उन्नयन, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर रहेगा। वहीं, गृह विभाग यानी पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था के लिए 20,132.87 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे कानून-व्यवस्था को तकनीकी रूप से और मजबूत बनाया जाएगा।
वित्तीय अनुशासन और सामाजिक न्याय
इतने बड़े बजट के बावजूद सरकार ने राजकोषीय घाटा GSDP के 2.99% तक सीमित रखा है। अनुसूचित जाति विभाग को ₹19,603 करोड़ और अनुसूचित जनजाति विभाग को ₹1,648 करोड़ आवंटित कर सामाजिक न्याय को मजबूत करने की कोशिश की गई है।
कुल मिलाकर, बिहार बजट 2026–27 विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विस्तार का ब्लूप्रिंट माना जा रहा है, जिससे राज्य को नई आर्थिक रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
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