Breaking News: उन्नाव रेप कांड में इंसाफ की लड़ाई ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की रिहाई की उम्मीदों पर फिलहाल पानी फेर दिया है।
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दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित कर उसे जमानत देने के फैसले पर शीर्ष अदालत ने अंतरिम रोक लगा दी है। इसका सीधा मतलब यह है कि सेंगर को फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा।
Breaking News: घटना समाज के लिए एक गंभीर चुनौती
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कहा कि इसमें गहन कानूनी विचार की आवश्यकता है। सुनवाई के दौरान अदालत ने एक बड़ा संवैधानिक सवाल भी उछाला- ‘अगर एक पुलिसकर्मी लोक सेवक (Public Servant) है, तो एक निर्वाचित विधायक इस दायरे से बाहर कैसे हो सकता है?’
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी मजबूती से पक्ष रखते हुए इसे समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बताया। अब चार हफ्तों बाद होने वाली अगली सुनवाई तय करेगी कि सेंगर की सजा बरकरार रहेगी या उसे कोई राहत मिलेगी।

