CM Hemant Soren: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम के तिनसुकिया में आयोजित आदिवासी महासभा के मंच से आदिवासी समाज के इतिहास, संघर्ष और मौजूदा हालात पर बेबाक राय रखी।
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उन्होंने कहा कि जब देश गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था, तब आजादी की पहली चिंगारी आदिवासी वीरों ने ही सुलगाई थी। इसके बावजूद आज आदिवासी समाज को राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और बौद्धिक रूप से कमजोर करने की साजिशें की गईं।
सीएम ने आरोप लगाया कि सामंतवादी सोच रखने वाली ताकतें नहीं चाहतीं कि आदिवासी, दलित और वंचित समाज शिक्षित व संगठित हो, क्योंकि इससे उनका प्रभुत्व खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी ही ताकतों ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को भी नीचा दिखाने की कोशिश की।
आदिवासी समाज एकजुट होकर विरोध करेगा-CM Hemant Soren
एक दिवसीय असम दौरे पर पहुंचे हेमंत सोरेन ने कहा कि असम में रह रहे झारखंडी आदिवासियों पर समय-समय पर अत्याचार होते रहे हैं। यदि झारखंड या असम के किसी भी आदिवासी के साथ अन्याय हुआ, तो पूरा झारखंड ही नहीं, बल्कि देशभर का आदिवासी समाज एकजुट होकर विरोध करेगा।
उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा में आदिवासी पूर्वजों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि आदिवासी एकता ही हमारी असली पहचान और सबसे बड़ी ताकत है।

