Godda News: गोड्डा जिले के पथरगामा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है।
Godda News: झारखंड के गोड्डा जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। पथरगामा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के समीप नवजात शिशु का क्षत-विक्षत शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए। बताया जा रहा है कि नवजात को जन्म के बाद किसी ने बेरहमी से अस्पताल के पास फेंक दिया, जिसके बाद आवारा कुत्तों ने उसे नोच-नोच कर खा लिया। घटनास्थल से केवल शिशु का सिर ही बरामद हो सका है।
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CHC के पास मिला दिल दहला देने वाला मंजर
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह जब कुछ लोग स्वास्थ्य केंद्र के आसपास से गुजर रहे थे, तभी उन्होंने कुत्तों को कुछ नोचते हुए देखा। पास जाकर देखने पर जो मंजर सामने आया, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया। नवजात शिशु का शव पूरी तरह क्षत-विक्षत था। यह खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए।
लोगों में आक्रोश और दहशत
इस घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अस्पताल के इतने नजदीक इस तरह की घटना कैसे हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते शिशु को सही देखभाल मिलती, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। कई लोगों ने इसे सामाजिक संवेदनहीनता और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया है। घटना के बाद तरह-तरह की अफवाहें भी फैलने लगीं, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
नवजात को क्यों छोड़ा गया? कई सवाल खड़े
सबसे बड़ा सवाल यह है कि नवजात को किस परिस्थिति में CHC के पास छोड़ा गया। क्या यह अवैध प्रसव का मामला है या किसी सामाजिक दबाव के चलते शिशु को फेंक दिया गया? स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध दाई और बिना पंजीकरण वाले प्रसव केंद्र सक्रिय हैं, जिन पर प्रशासन की नजर नहीं है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कहीं यह मामला भी उसी से जुड़ा तो नहीं है।
पुलिस और प्रशासन जांच में जुटा
घटना की सूचना मिलते ही पथरगामा थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नवजात को किसने और कब वहां छोड़ा। इसके अलावा, अस्पताल में हाल के दिनों में हुए प्रसव से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: पुलिस
पुलिस का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। नवजात शिशु के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के कारणों की पुष्टि हो सके। अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समाज और व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि समाज की सोच पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। एक नवजात को इस तरह बेसहारा छोड़ देना मानवता के खिलाफ अपराध है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सामाजिक जागरूकता की कमी, डर और असुरक्षा की भावना का परिणाम होती हैं। जरूरत है कि गर्भवती महिलाओं को सही मार्गदर्शन और सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि कोई भी इस तरह का कदम उठाने को मजबूर न हो।
झकझोर देने वाली घटना
गोड्डा की यह घटना पूरे राज्य को झकझोर कर रख देने वाली है। यह प्रशासन के लिए चेतावनी है कि स्वास्थ्य केंद्रों के आसपास सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत किया जाए। साथ ही, समाज को भी आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आखिर एक नवजात को इस हाल में छोड़ने की नौबत क्यों आती है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजों पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

