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Thursday, February 26, 2026

Jharkhand Nikay Chunav Result 2026: मतगणना से पहले सियासी बयानबाजी तेज, मंत्री सुदिव्य कुमार का बीजेपी पर पलटवार

Jharkhand Nikay Chunav Result 2026: मतगणना से पहले BJP vs JMM में सियासी घमासान, मंत्री सुदिव्य कुमार का बयान, 27 फरवरी की मतगणना पर टिकी सबकी नजरें

रांची: झारखंड के 48 शहरी निकायों में मतदान संपन्न होने के बाद अब पूरे राज्य की निगाहें Jharkhand Nikay Chunav Result 2026 की मतगणना पर टिकी हैं, जो 27 फरवरी को होनी है। चुनाव परिणाम आने से पहले ही राज्य की राजनीति गरमा गई है और सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शहरी निकाय चुनाव में सरकार और सत्तारूढ़ दल पर चुनावी धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं सत्ताधारी गठबंधन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए भाजपा पर संभावित हार की आशंका में राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाया है।

सत्ताधारी दल का पलटवार: हार से पहले बहानेबाजी

सत्ताधारी दल का कहना है कि Jharkhand Nikay Chunav Result 2026 को लेकर भाजपा पहले से ही माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उनका तर्क है कि शहरी निकाय क्षेत्रों में जनता ने भाजपा को नकार दिया है और इसी कारण पार्टी चुनाव परिणाम से पहले ही आरोपों का सहारा ले रही है।

‘शहरी जनता बीजेपी की बपौती नहीं’ – सुदिव्य कुमार

राज्य के शहरी विकास मंत्री Sudivya Kumar ने भाजपा के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप के कई विकसित देशों में आज भी बैलेट पेपर से चुनाव होते हैं। ऐसे में कभी ईवीएम पर सवाल उठाना, कभी केंद्रीय सुरक्षा बल की मांग करना और अब मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जताना यह दर्शाता है कि भाजपा अपनी संभावित हार से घबराई हुई है। मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि इस बार के शहरी निकाय चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भाजपा के उस ‘गुरूर’ को तोड़ दिया है, जिसमें वह शहरी मतदाताओं को अपनी बपौती समझती थी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहरी मतदाता जागरूक हैं और विकास के मुद्दे पर वोट करते हैं, न कि किसी दल विशेष के प्रभाव में।

मतगणना से पहले बढ़ा सियासी तापमान

मतदान समाप्त होने के बावजूद राज्य में राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। भाजपा जहां चुनावी पारदर्शिता को मुद्दा बना रही है, वहीं सत्ताधारी दल इसे जनता का स्पष्ट जनादेश बता रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मतगणना के दिन तक आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर जारी रह सकता है। सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।

नतीजों से साफ होगी राजनीतिक तस्वीर

27 फरवरी को परिणाम सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि झारखंड के शहरी मतदाताओं ने किस दल पर भरोसा जताया है। अब सबकी निगाहें मतगणना दिवस पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि शहरी राजनीति में किसका पलड़ा भारी रहा।

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